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यह प्राणायाम भी है और कुंडलिनी शक्ति को जागृत करने का अभ्यास भी। सूर्यभेदन का मतलब है पिंगला नाड़ी का भेदन करना अथवा उसे जागृत करना।

सूर्यभेदी प्राणायाम के लाभ | Surya Bhedi Pranayam Ke Labh

इससे मस्तिष्क का वह भाग जागृत होता है जिसमें पौरुष शक्ति रहती है, अर्थात् यह प्राण-शक्ति को जागृत करता तथा बढ़ाता है। यह शरीर में ताप पैदा करता है और रक्त का शोधन करता है। इसके करने से रक्त में लाल कण अधिक मात्रा में बनते हैं। इसका नियमित अभ्यास कुष्ठ रोग में लाभदायक है। यह मन को स्वस्थ करता है और इच्छा शक्ति को बढ़ाता है। चिंता, अवसाद और अन्य मानसिक बीमारियों को कम करना में मदद करता है । परंपरागत रूप से, सूर्य भेदी को मस्तिष्क को उत्तेजित करने और शरीर की गर्मी में वृद्धि करने के लिए भी जाना जाता है। इस प्राणायाम से पाचन अग्नि बढ़ती है।

सूर्यभेदी प्राणायाम कैसे करें | Surya Bhedi Pranayam Kaise Kare

पद्मासन में बैठे। दायें हाथ की बीच की दो अंगुलियों से बाएं नासिका को बंद करें फिर दायीं नासिका से जल्दी से गहरी साँस ले , अंगूठे से दायीं नासिका को बंद कर ले । आंतरिक कुंभक में यथा शक्ति तीनो बंध पर भी लगये, फिर बंधो को खोलते हुए, पहले जालंधर और फिर मूल-बंध खोलकर, नासिका से जल्दी से श्वास को बाहर निकाल दें। इस प्राणायाम में श्वास धीरे-धीरे नहीं लेने चाहिए। ऐसा पांच बार करें। आंतरिक कुंभक का अभ्यास बढ़ाएं। ध्यान का केंद्र मणिपूर-चक्र रहेगा।

सूर्यभेदी प्राणायाम की पूरी विधि | Surya Bhedi Pranayama Ki Vidhi

सूर्यभेदी प्राणायाम के लाभ | Surya Bhedi Pranayam Ke Labh

सूर्य भेदी प्राणायाम में, साँस लेना केवल दाहिने नथुने और साँस छोड़ना बाएँ नथुने से ही होता है। अंगूठे का उपयोग दाईं नासिका को बंद करने के लिए किया जाता है और अनामिका का उपयोग बाईं नासिका को बंद करने के लिए किया जाता है।

साँस लेने और साँस छोड़ने के लिए प्राणायाम शुरुआती 1: 1 के अनुपात से शुरू होना चाहिए। उदाहरण के लिए, यदि आप 4 सेकंड के लिए एक नथुने के माध्यम से साँस लेते हैं, तो दूसरे नथुने से साँस छोड़ना भी 4 सेकंड के लिए होना चाहिए। जैसा कि आप प्रगति करते हैं, साँस लेने और छोड़ने का अनुपात 1: 2 में बदला जा सकता है, जिसका अर्थ है कि यदि साँस लेना 4 सेकंड है, तो साँस छोड़ना 8 सेकंड है। जब आप सूर्य भेदी शुरू करते हैं, तो प्रारंभिक अवस्था में सांस लेने, पकड़ने और छोड़ने की प्रक्रिया 5 से 10 बार की जानी चाहिए।

सूर्यभेदी प्राणायाम वीडियो  | Surya Bhedi Pranayama Video

 

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