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पद्मासन के लाभ - Padmasana Ke Labh

पद्मासन, ध्यान और प्राणायाम के अभ्यास के लिए सबसे उपयुक्त असानो में से एक है। इसका अभ्यास करने से मन को शांति और शरीर में सकारात्मक ऊर्जा बनती है। यह सबसे सरल और प्राचीन आसन में से एक है, हिन्दू धर्म के भगवान शिव, बौद्ध धर्म के …

भ्रामरी प्राणायाम - Bhramari Pranayama

भ्रामरी प्राणायाम का नाम, काली रंग की भारत में पाएं जाने वाली मधुमक्खी से उत्पन्न हुआ है, जिसे "भ्रामरी" भी कहा जाता है। उत्तेजित करने वाले विचार, हताशा, चिंता और क्रोध से छुटकारा पाने के लिए यह सर्वोत्तम व्यायाम है। घर…

बाह्य प्राणायाम - Bahya Pranayama

संस्कृत भाषा में "बाह्या" का अर्थ "बाहर" से है, इस प्राणायाम में शरीर को विभिन्न बंधों में रखने से पहले सांस को पूरी तरह से बाहर निकाला जाता है। इसे प्राणायाम में मूल बंध, उड्डियान बंध और जलंधर बंध का उपयोग हो…

चक्रासन के लाभ - Chakrasana Ke Labh

चक्रासन को ऊर्ध्व धनुरासन के नाम से भी जाना जाता है । चक्रासन नाम संस्कृत के शब्द "चक्र" जिसका अर्थ "पहिया" और "आसन" का अर्थ योग मुद्रा से है । यह आसन रीढ़ को लचीला और छाती, जांघों, पेट और बाहों को ट…

कुण्डलिनी योग - kundalini yoga

कुंडलिनी योग एक प्राचीन कला और विज्ञान है जो चेतना के परिवर्तन और विस्तार से संबंधित है, कुंडलिनी ऊर्जा को जागृत करने के लिए चक्रों को जगाना करना पड़ता है। चक्रों की सक्रियता और संतुलन, प्राण को अपान (ब्रह्मांडीय ऊर्जा) के साथ मिल…

शीतकारी प्राणायाम - Sheetkari Pranayama

शीतकारी प्राणायाम शरीर को ठंडा करता है। शीतकारी प्राणायाम का उल्लेख हठ योग प्रदीपिका में किया गया है।शीतकारी, शीतली प्राणायाम से काफी मिलती-जुलती है। शीतकारी में, जीभ को एक नाली (ट्यूब) की तरह नहीं बनिया जाता। इसके बजाय, ऊपरी तले…

सूर्यभेदी प्राणायाम के फायदे - Surya Bhedi Pranayama Ke Fayde

यह प्राणायाम भी है और कुंडलिनी शक्ति को जागृत करने का अभ्यास भी। सूर्यभेदन का मतलब है पिंगला नाड़ी का भेदन करना अथवा उसे जागृत करना। सूर्यभेदी प्राणायाम के लाभ | Surya Bhedi Pranayam Ke Labh इससे मस्तिष्क का वह भाग जागृत होता है …