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अर्धमत्स्येंद्रासन योग - Ardha Matsyendrasana in Hindi

इस आसन का नाम योगी मत्स्येन्द्रनाथ के नाम पर रखा गया है। यह नाम संस्कृत के शब्द 'अर्ध' से लिया गया है, जिसका अर्थ है आधा, 'मत्स्य', जिसका अर्थ है मछली, 'इंद्र', के लिए है। इस आसन को वक्रसन भी कहा जाता ह…

सूत्र नेति क्रिया की विधि - Sutra Neti

सूत्र नेति योगात्मक सफाई का एक रूप है और इसके लिए एक अनुभवी शिक्षक की आवश्यकता होती है। सूत्र नेति में, गीली सूत्र नाक के माध्यम से और मुंह में डाली जाती है। अंत को मुंह से बाहर निकाला जाता है और दोनों छोरों को एक साथ पकड़ते …

योग के नियम - Yoga Ke Niyam

योग का उद्देश्य शारीरिक निरोगता और मानसिक विकास के साथ आध्यात्मिक सत्यता का अनुभव करना है, सो इसका प्रारभ सहजता से ही किया जाना चाहिए। क्योंकि सहजता के लिए सरल से कठिन की विधि सही रहती है, इसीलिए नये व्यक्ति योगासनों की शुरुआत इन…

त्राटक क्रिया - Tratak Kriya in Hindi

त्राटक क्रिया ध्यान की एक विशेष प्रक्रिया है। इसमें ध्यान का मूल आधार एकाग्रता है और उसका चरमलक्ष्य साधक, साधन और साध्य की त्रिपुटी का विलय भी। त्राटक क्रिया करने के कई विधान हैं और उनके अलग-अलग गुण भी हैं। योग शास्त्रों में कि…

हलासन के फायदे - Halasana Ke fayde

हलासन एक हठ योगासन है आमतौर पर इसे सर्वंगासन के बाद 1 से 5 मिनट बाद किया जाता है । इस मुद्रा में शरीर का आकार किसान के द्वारा उपयोग होने वाले उपकरण "हल" जैसा होता है जिस कारण इसका नाम हलासन है । हमारा मस्तिष्क सुषुम…

भस्त्रिका प्राणायाम करने की विधि - Bhastrika Pranayama Karne Ki Vidhi

भस्त्रिका प्राणायाम बहुत ही महत्वपूर्ण प्राणायाम है। इस प्राणायाम द्वारा शरीर को प्राण-वायु अधिक मात्रा में उपलब्ध करायी जाती है तथा उसी प्रकार अधिक दूषित वायु (कार्बन डाइऑक्साइड) बाहर निकाली जाती है। इससे तेजी से रक्त की शुद्धि …

शवासन योग - Shavasana

शवासन सब आसनों से कठिन आसन है। इसके लिए पूरे अभ्यास की आवश्यकता है। प्रत्येक आसन के बाद शवासन करें या थोड़ी देर के लिए शरीर को ढीला छोड़कर शिथिल करें। जब कभी आप काम करते-करते थक जाएं, बाहर से थके हुए आएं या मन किसी समस्या के कारण…